Domain Authority कैसे बढ़ाये

Website की Domain Authority बढ़ाने के 8 बेहतरीन Steps

Domain Authority क्या है (What is Domain Authority in Hindi) और इसे कैसे बढ़ाया जाता है, यह सब इस पोस्ट में आपको जानने को मिलेगा।

SEO community में आने वाले सब नामो में से एक Moz ने इस authority metric को विकसित करने वाली पहली कंपनी थी, तब से अबतक कई अन्य कंपनीओने ने इसी तरह के उपाय विकसित किए हैं जो different type के variables के आधार पर domain को 0 से 100 तक rate करते हैं।

PageRank को Google के Larry Page (Google के संस्थापकों में से एक) ने अपने authority के आधार पर rating domain concept को पेश किया था, जिसका उपयोग आज web pages और websites के value की गणना करने के लिए किया जाता है।

Domain Authority क्या है? (What is Domain Authority In Hindi)

Domain Authority आपकी website authority को representing करने वाली संख्या है। यह जितना अधिक होगा, उतनी ही अधिक संभावना है कि आप SERP में rank करेंगे। इसलिए, इस authority को बढ़ाएं और अपनी website पर organic traffic लाएं।

किसी भी website का DA 0 से 100 के बीच में score किया जाता है, यह number किसी भी वेबसाइट की predicts करती है कि SERP पर कौन सी rank मिलने की संभावना है।

एक बात याद रखो की DA Ranking Score को Google की (PageRank) ranking के लिए उपयोग किए जाने वाले scoring system के समान नहीं है, जो आपकी ranking को प्रभावित करेगा।

Website का DA कैसे check करें?

में यहाँ पर बताऊंगा की Moz कोनसे various signals से DA चेक करता है।

  • Incoming Backlinks के Number, Quality और Relevance
  • आपकी Website के Content की Value
  • Social Media पर Social Signals कैसे है
  • आपकी Website के SEO का Average Output

Domain Authority कैसे बढ़ाएं?

यहाँ पर मैंने वह 8 steps बताये है जिसको follow करके आप भी खुद की website का DA score बढ़ा सकते है।

1. Off-Page SEO पर ध्यान दे

जब Off-Page SEO की बात आती है, तो सबसे महत्वपूर्ण metric आपकी backlink profile है। एक healthy backlink profile वाली वेबसाइटों का DA score उन लोगों की तुलना में अधिक होगा, जिनकी link profile इतनी impressive नहीं है।

अब आप यह सोच रहे होंगे की एक अच्छा link profile किसे माना जाता है? link profile को बेहतर कैसे बनाया जाए? तो मेने यहाँ बताया है उसे पढ़ कर आप भी एक अच्छी link profile built कर सकते है।

  • High DA score वाली अन्य वेबसाइटों से Backlinks बनाकर।
  • Similar Domain से जुडी वेबसाइटों से Backlinks बनाकर।
  • Irrelevant Backlinks या Low Quality Sites को avoid करके।
  • बड़ी संख्या में Unique Backlinks का होना।
  • अपनी profile से lower quality links हटाएं
  • lower quality links की पहचान करने के लिए Moz, Ahrefs या Semrush जैसे platform का उपयोग करें।
  • आप Google disavow tool के माध्यम से अपने profile links हटा सकते हैं।
  • दूसरे Bloggers से जुड़कर Guest posting कर सकते है।

2. On-Page SEO पर ध्यान दे

On-Page SEO आपकी वेबसाइट के content को optimize करने के बारे में है, आप मेरी On-Page SEO क्या है पोस्ट पढ़कर इसके बारे में अच्छी तरह से जान सकते है। लेकिन मैं यहाँ आपको short words में बता दू की On Page SEO में क्या करना होता है:

  • आपके website और posts के title और description अच्छे से optimize हो।
  • Content में H1 से H6 tags को सही से use किया हो।
  • Post के URL structure को SEO के हिसाब से किया हो।
  • Content में photos और videos को सही से use किया हो।
  • Internal और external links सही से add किए हो।
  • Keywords को post में सही से add किये हो।
  • Keyword stuffing बिलकुल न हो।
  • Content structure बढ़िया हो ताकि Google featured snippets कर सके।
  • Content unique हो और time to time जरूरी information add हुई हो

3. Technical SEO को ठीक करे

Off-page SEO और On-page SEO को सही से करने के बाद अब आपको Technical SEO पर भी ध्यान देना होगा, यदि आप शुरू से ही Technical SEO पर ध्यान देंगे तो आपकी website के domain authority (DA) और rankings पर negative effect भी नहीं पड़ेगा।

इसलिए, आपको important SEO settings की समीक्षा करने की आवश्यकता है, जिनमें आपको यहाँ बताए गए जरूरी steps follow करने है:

  • अपनी website को Google Search Console (GSC) और Bing Webmaster में submit करे।
  • XML sitemap बनाएं और उसे Google Search Console पर upload करे।
  • Robots.txt की testing करे ताकि search engine bots उसे easily crawl कर सके।
  • Website को HTTP to HTTPS पर transfer करे, यदि है तो वही रहने दे।
  • Structured data (schema) add करे ताकि search engines आपके website में रहे content के context को समज सके।
  • Check करे की website के सभी pages का well specified breadcrumb menu है या नहीं।
  • आपकी Website multilingual में है तो hreflang का उपयोग करे।

4. Website को Mobile Friendly रखें

Website mobile friendly होना पहले optional था, लेकिन अब website mobile friendly ही होना चाहिए, इसके कुछ reasons यहां दिए गए हैं:

  • Users के total searches में 65% से ज्यादा searches mobile से आते है।
  • Mobile पर user-experience एक important ranking factor है।
  • Google ने भी mobile-first index launch किया है, जिससे सिर्फ mobile friendly website ही mobile में दिखेंगी।
  • आपकी website mobile-friendly न हो तो आपके domain authority score पर effect पड़ता है।

आपकी website mobile friendly है या नहीं, यह check करने के लिए आप Google Mobile-Friendly Test का उपयोग करें और आपकी website mobile friendly नहीं है तो यह आपको detailed report देगा और आपकी website को mobile friendly बनाने में आपको guide करेगा।

5. Website की Speed में सुधार करे

Page speed Google द्वारा स्थापित ranking signals में एक signal है, अगर website fast load हो रही है तो उसकी value ज्यादा है। Website speed को बढ़ाने से न केवल आपकी ranking और domain authority बढाती है बल्कि आपको user experience को भी बढ़ाने की सुविधा मिलती है।

Website speed की problem को solve करना easy नहीं है, अगर आप एक programmer नहीं है तो आपके लिए यह सबसे challenging है क्यूंकि इसमें बहोत सारे technical elements होते है।

आप speed problem को solve करने के लिए किसी programmer या developer से जुड़ सकते है, लेकिन आप मेरी इस बात के असमर्थ है तो यहाँ बताई गयी बात पर विचार कर सकते है:

  • अगर आप WordPress users है तो unnecessary plugins हटा दे।
  • WordPress और Plugins को time to time upgrade करे।
  • Website पर ज्यादा traffic है तो बेहतर server plan ले।
  • Caching plugins का use करे, जैसे की WP Rocket या W3 Total Cache best है।
  • Website में add किये हुए photos की size reduce करे।
  • Hosting में problem है तो hosting provider को complain करे।
  • अगर आप Blogger.com पर है तो Responsive Theme चुने।

6. UX Signals में सुधार करे

पिछले कुछ वर्षों में Google ने अपने algorithms में User Experience signals (UX Signals) को लागू करना शुरू कर दिया है, इसके लिए में Google के RankBrain algorithm को thanks कहना चाहूंगा।

विशेष रूप से, वे consumers और results के बीच engagement का मूल्यांकन करते हैं और site performance को determine करने के लिए इसका उपयोग करते हैं।

कई SEO Experts का मानना ​​है कि नीचे दिए गए points ही key factors हैं जो आवश्यक UX Signals हैं और चलिए इसके बारे में और जानते है:

1. Users Spends Time

Users spends time का मतलब Dwell time, यानि की कोई भी searcher SERP से आपकी website पर click करके आने के बाद आपके page पर कितना समय ठहरता है।

आपकेँ content में जितनी उसकी दिलचस्पी होगी उतना समय वह आपके page पर रुकेगा और उसके बदले में आपको परिणामस्वरूप high domain authority score प्राप्त करने का मौका मिलेगा।

2. Bounce Rate

Bounce rate एक ratio है, जिसका मतलब की कोई भी visitors/users आपके page पर आए और बिना कोई activity किए यानि की content पर क्लिक किए बिना या product site पर buy click किए बिना तुरंत SERP पर move हो जाये तो उसके हिसाब से bounce rate गिना जाता है।

High Bounce Rate आपके website के लिए bad effect है, जैसे की UX signals (User Experience signals) और Domain Authority (DA) Score ख़राब होना।

3. Pogo Sticking

Pogo Sticking को Google द्वारा SEO के लिए बनाया गया word है और आपके लिए यह important है जानना की Pogo Sticking क्या है।

Pogo Sticking क्या है?

जब user कोई query search करता है और SERP के 1st page पर दिख रहे web-pages पर click करता है, लेकिन उसके related कोई information नहीं मिलता है तो वह वापस SERP में move करता है और SERP के next page पर click करता है ताकि उसे वहा अपनी query से related कुछ मिले, तो इसे Pogo Sticking कहा जाता है।

ज्यादातर लोग एक ही query को search करते है और SERP के 1st page पर उनको जरूरी web-pages नहीं मिलते है तो Google इसे बहोत गंभीरता से लेता है और उन सभी web-pages की ranking down कर देता है जो 1st page पर है और query related information नहीं है।

अगर आपकी website के pages भी इन SERP में आते है तो आपको भी ranking down की effect को accept करना पड़ेगा और यह Pogo Sticking की वजह से आपके website के domain authority पर भी असर हो सकता है।

4. Click-Through Rate

Organic click-through-rate (CTR) search engine से आपकी website link पर click करने वाली searches की संख्या है, CTR जितना अधिक होगा उतना ही आपके domain authority के लिए बेहतर होगा।

5. User Intent

Search engine में query को submit करते समय users के primary aim को user intent या search intent कहा जाता है। User का intent ज्यादातर useful information, product price और navigational queries पर ही होता है।

6. Core Web Vitals

Core Web Vitals आज के latest SEO trends में से एक है और technically उन parameters का collection है जो Google को website के overall user experience के लिए महत्वपूर्ण लगता है।

Core Web Vitals 1 - absehindi.in

Core Web Vitals में तीन primary metrics होते हैं: Largest content paint (LCP), First Input Delay (FID) और Cumulative Layout Shift (CLS)

Largest content paint (LCP): LCP उस speed को मापता है जिस पर page का main content load होता है और स्क्रीन पर दिखाई देता है, यानि की page कितनी speed से load होता है।

First Input Delay (FID): FID उस speed को मापता है जहा users किसी page पर landing के बाद उसके साथ interact करने में सक्षम होते हैं, यह JavaScript, tracking scripts, third-party code से affect होता है।

Cumulative Layout Shift (CLS): CLS यह मापता है कि users कितनी बार unexpected layout shifts का experience करते हैं, यह आमतौर पर image size, multiple fonts या animations से affect होता है।

7. Social Signals में सुधार करे

Google ने officially announce किया है कि Google Ranking algorithms में social signals शामिल नहीं हैं, लेकिन में आपको बतादू की high ranking pages और social signals के बीच strong correlation है।

Google में high ranking कर रहे pages में बहुत सारे likes, shares, views और social media factors होते है। आपको domain authority को बेहतर बनाने के लिए यहाँ बताये गए कुछ points पर आपको focus करना चाहिए:

  • आप website में social sharing button जरूर add करे जिससे readers उसे आसानी से share कर सकते है।
  • आप अपने Facebook page पर content से related information, images और videos add करे जिससे followers बढे।
  • आपके social media accounts पर followers के आ रहे messages का reply दे जिसे आप का connection अच्छा बने।
  • Social Media पर Live आने की कोशिश करे, जिससे followers को आपका काम genuine लगे।

8. Long Tail Keywords का उपयोग करे

Long tail keywords हमेंशा relevant phrases होते हैं और ये 3 से 5 words long होते हैं और इसका उपयोग audiences को target करने के लिए किया जाता है। Short keywords की तुलना में long-tail keywords में competition कम होती है और rank करना आसान होता है।

Long tail keywords का search volume कम होने से आपके post जल्दी rank होते है और अच्छा traffic generate करते है और इसका सीधा positive effect आपके website के domain authority पर पड़ता है।

Website की domain Authority कैसे बढ़ाएं:-

  1. Off-Page SEO को ठीक करे
  2. On-Page SEO को ठीक करे
  3. Technical SEO को ठीक करे
  4. Website को Mobile Friendly रखें
  5. Website की Speed में सुधार करे
  6. UX Signals में सुधार करे
  7. Social Signals में सुधार करे
  8. Long-tail Keywords का उपयोग करे

आपने क्या सीखा

उम्मीद करता हु की आपको यह पोस्ट Domain Authority क्या है (What is Domain Authority in Hindi) पसंद आयी होगी और आपको बहुत कुछ सिखने को मिला होगा।

आप यहाँ बताये गए steps को follow करेंगे तो domain authority में सुधार आएगा और इसका effect कितने दिनों में होता है वह मुझे Instagram account पर DM करके बता सकते है।

आपको एक जरूरी बात बता दू की इस steps को ही सबकुछ मत समज लीजियेगा क्यूंकि Google में rank करने के लिए सिर्फ DA score मान्य नहीं रखता, domain authority सिर्फ यह बताता है की आपकी website दूसरे website से कितनी powerful है।

DA score से इतना विश्वास रख सकते है की SERP में website rank करेंगी, लेकिन सिर्फ DA से सब को ranking नहीं मिल जाती, Ranking के लिए आपको proper SEO, unique content और आपका patient भी मान्य रखता है।

आप मेरे Blog पर regular visit करते रहे ताकि आपको ऐसे और भी पोस्ट मिलते रहे, आप मुझे comment करके भी इसके बारे में बता सकते है।

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